'पठान' से 'अल्फा' तक — हरियाणा के बलहारा ब्रदर्स ने बॉलीवुड एक्शन की धड़कन कैसे बदल दी?
हरियाणा के रोहतक से आए संगीतकार अंकित बलहारा और संचित बलहारा ने 'वॉर', 'पठान' और 'टाइगर 3' जैसी YRF स्पाई यूनिवर्स फ़िल्मों का बैकग्राउंड स्कोर रचकर बॉलीवुड एक्शन सिनेमा की ध्वनि ही बदल दी। अब वे आलिया भट्ट की आगामी फ़िल्म 'अल्फा' में यह सफ़र आगे ले जा रहे हैं।
एक सीन सोचिए — ऋतिक रोशन हवा में उलटते हुए गोलियों से बचता है, शाहरुख़ ख़ान बर्फ़ीली चोटी पर ट्रक से कूदता है, सलमान ख़ान अकेले पूरी फ़ौज पर भारी पड़ता है। आँखें चौंधियाती हैं, दिल धड़कता है। लेकिन अगर इन दृश्यों से वो गूँजता हुआ बैकग्राउंड स्कोर निकाल दें, तो? बस एक ख़ामोश स्टंट बचेगा — जिसमें न रोंगटे खड़े होंगे, न सिनेमा हॉल में सीटियाँ बजेंगी। उस धड़कन के पीछे जो दो नाम हैं, वे किसी बड़े शहर के म्यूज़िक स्कूल से नहीं, बल्कि हरियाणा के रोहतक से आए हैं — अंकित बलहारा और संचित बलहारा।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बलहारा ब्रदर्स अब आलिया भट्ट और शर्वरी वाघ की आगामी YRF फ़िल्म 'अल्फा' का बैकग्राउंड स्कोर तैयार कर रहे हैं। यह फ़िल्म YRF स्पाई यूनिवर्स की अगली बड़ी कड़ी है, और इसके साथ ही बलहारा ब्रदर्स का इस फ़्रेंचाइज़ी पर दबदबा और मज़बूत होता जा रहा है।
लेकिन इस ख़बर को सिर्फ़ 'एक और फ़िल्म में काम मिला' की तरह पढ़ना ग़लत होगा। असल कहानी कहीं गहरी है।
रोहतक से YRF तक — बिना गॉडफ़ादर के सफ़र
फ़िल्म इंडस्ट्री में बैकग्राउंड स्कोर करने वालों को शायद ही कोई नाम से जानता है — ग्लैमर गानों और गायकों के हिस्से आता है। अंकित और संचित ने रोहतक जैसे शहर से आकर इस अनदेखी विधा में अपनी जगह बनाई, जहाँ न फ़िल्मी कनेक्शन थे, न कोई लॉन्चपैड। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स बताती हैं कि दोनों भाइयों ने शास्त्रीय संगीत की बुनियाद पर पश्चिमी ऑर्केस्ट्रल स्कोरिंग सीखी और एक ऐसी 'हाइब्रिड' शैली विकसित की जो पूरी तरह न हॉलीवुड है, न पारंपरिक बॉलीवुड — कुछ अपना, कुछ अलग।
2019 में सिद्धार्थ आनंद की 'वॉर' ने उन्हें पहला बड़ा ब्रेक दिया। उस फ़िल्म का ऋतिक-टाइगर का क्लाइमैक्स सीक्वेंस आज भी एक्शन BGM का बेंचमार्क माना जाता है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, इसके बाद 'पठान' (2023) और 'टाइगर 3' (2023) में भी YRF ने बलहारा ब्रदर्स को ही चुना — जो दर्शाता है कि स्टूडियो के लिए वे अब विकल्प नहीं, ज़रूरत हैं।
BGM — बॉलीवुड एक्शन का वो हथियार जिसकी बात कोई नहीं करता
बॉलीवुड में गानों की चर्चा होती है, संगीतकारों को अवॉर्ड मिलते हैं, लेकिन बैकग्राउंड स्कोर? वो 'अनसंग हीरो' बनकर रह जाता है। जबकि सच यह है कि पिछले पाँच-सात सालों में बॉलीवुड एक्शन फ़िल्मों की सबसे बड़ी तरक्की VFX में नहीं, BGM में हुई है। 'वॉर' से पहले भारतीय एक्शन सीक्वेंस अक्सर ध्वनि के मामले में कमज़ोर लगते थे — या तो जेनेरिक डिजिटल बीट्स थीं, या फिर पुराने ज़माने के ढोल-तमतम। बलहारा ब्रदर्स ने इसे बदला। उन्होंने लाइव ऑर्केस्ट्रा, इलेक्ट्रॉनिक लेयरिंग और देसी पर्कशन को इस तरह मिलाया कि भारतीय एक्शन सीन को पहली बार वो 'सोनिक ग्रैविटी' मिली जो पहले सिर्फ़ हॉलीवुड के हैन्स ज़िमर या जंकी XL जैसे नामों के पास थी।
ट्रेड विश्लेषक मानते हैं कि 'पठान' के ओपनिंग एक्शन सीक्वेंस की जो ऊर्जा दर्शकों ने महसूस की, उसका कम से कम आधा श्रेय BGM को जाता है। शाहरुख़ के स्टंट तो बेशक दमदार थे, लेकिन बिना उस गूँजते स्कोर के वो दृश्य उतने 'इवेंट' नहीं बनते।
इनसाइड टॉक
इंडस्ट्री हलकों में चर्चा है कि YRF ने बलहारा ब्रदर्स के साथ एक तरह का अनकहा एक्सक्लूसिव अरेंजमेंट बना लिया है — स्पाई यूनिवर्स की हर फ़िल्म का BGM उन्हीं से कराने की एक अघोषित समझ। ट्रेड सूत्रों का कहना है कि आदित्य चोपड़ा को 'वॉर' के बाद से उनकी शैली पर इतना भरोसा है कि 'अल्फा' के लिए किसी और नाम पर विचार ही नहीं हुआ। फ़ैन्स के बीच भी अटकलें हैं कि अगर YRF का लंबे समय से अटका 'वॉर 2' बनता है, तो बलहारा ब्रदर्स उसके भी स्कोरर होंगे। (यह इंडस्ट्री चर्चा और अपुष्ट अटकलों पर आधारित है, पुष्ट तथ्य नहीं।)
'अल्फा' में दाँव क्यों सबसे बड़ा है
'अल्फा' कई मायनों में बलहारा ब्रदर्स के लिए अब तक की सबसे कठिन परीक्षा है। पहली बार YRF स्पाई यूनिवर्स की लीड एक महिला है — आलिया भट्ट। इसका मतलब है कि BGM की टोनैलिटी बदलनी होगी। अब तक जो 'मैस्कुलिन ब्रैवाडो' वाला स्कोर था — भारी ड्रम्स, आक्रामक ब्रास — उसमें एक नई परत जोड़नी होगी जो ताक़तवर भी लगे और स्त्रीत्व की ऊर्जा को भी पकड़े। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि बलहारा ब्रदर्स इस चुनौती को लेकर उत्साहित हैं।
इंडिया हेराल्ड का आकलन है कि 'अल्फा' की सफलता या विफलता तय करेगी कि बलहारा ब्रदर्स सिर्फ़ YRF के 'इन-हाउस' कंपोज़र बने रहते हैं, या फिर बॉलीवुड का हर बड़ा एक्शन प्रोजेक्ट उनके दरवाज़े पर दस्तक देता है। अगर 'अल्फा' का स्कोर 'पठान' जैसा इम्पैक्ट बना पाया, तो ये दोनों भाई हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स तक पहुँच सकते हैं — क्योंकि ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म्स अब भारतीय ऑर्केस्ट्रल टैलेंट पर नज़र गड़ाए हुए हैं।
वो बड़ा सवाल जो बॉलीवुड से कोई नहीं पूछता
बलहारा ब्रदर्स की कहानी एक ज़रूरी सवाल उठाती है — बॉलीवुड अपने बैकग्राउंड स्कोर कंपोज़र्स को वो पहचान और सम्मान क्यों नहीं देता जो गाने लिखने-गाने वालों को मिलता है? फ़िल्मफ़ेयर में 'बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर' का अवॉर्ड बरसों से है, लेकिन इसकी चर्चा कितनी होती है? ऑस्कर में हैन्स ज़िमर और ए.आर. रहमान का स्कोर घर-घर में जाना जाता है, लेकिन भारत में BGM कंपोज़र प्रेस कॉन्फ़्रेंस तक में नहीं बुलाए जाते।
रोहतक के दो लड़के जो बिना किसी सिफ़ारिश के मुंबई आए, जिन्होंने बॉलीवुड एक्शन की आवाज़ ही बदल दी — उनकी कहानी सिर्फ़ प्रतिभा की नहीं, उस ज़िद की है जो कहती है कि ग्लैमर की रोशनी भले न मिले, पर जो गूँज तुम सिनेमा हॉल में महसूस करते हो, वो हमारी है। अगली बार जब 'अल्फा' का ट्रेलर आए और रोंगटे खड़े हों, तो याद रखिएगा — वो सिहरन आलिया की नहीं, बलहारा ब्रदर्स की है।
AI सहायता से इंडिया हेराल्ड के संपादकीय मानकों के तहत रिपोर्ट और लेखन; प्रकाशन का निर्णय मानव संपादक करते हैं।
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मुख्य बातें
- हरियाणा के रोहतक से आए अंकित बलहारा और संचित बलहारा ने YRF स्पाई यूनिवर्स — 'वॉर', 'पठान', 'टाइगर 3' — का बैकग्राउंड स्कोर रचकर बॉलीवुड एक्शन सिनेमा की ध्वनि बदल दी
- अब वे आलिया भट्ट-शर्वरी वाघ की 'अल्फा' का BGM तैयार कर रहे हैं — यह YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-लीड फ़िल्म है
- बलहारा ब्रदर्स ने पश्चिमी ऑर्केस्ट्रल तकनीक और देसी पर्कशन को मिलाकर एक 'हाइब्रिड स्कोरिंग' शैली बनाई जो भारतीय एक्शन को हॉलीवुड-स्तरीय 'सोनिक ग्रैविटी' देती है
- 'अल्फा' की सफलता तय करेगी कि ये कंपोज़र YRF तक सीमित रहते हैं या ग्लोबल प्रोजेक्ट्स तक पहुँचते हैं
आँकड़ों में
- 2019 में 'वॉर' से शुरू हुआ YRF सफ़र — अब तक कम से कम 4 बड़ी स्पाई यूनिवर्स फ़िल्मों का BGM (हिंदुस्तान टाइम्स)
- 'पठान' (2023) ने ₹1000 करोड़+ ग्लोबल बॉक्स ऑफ़िस पर कमाए, जिसमें BGM को एक्शन सीक्वेंस की सफलता का अहम हिस्सा माना गया (ट्रेड रिपोर्ट्स)