'अल्फा' का बॉक्स ऑफिस सरेंडर — क्या YRF का स्पाई यूनिवर्स अब आलिया के बिना ही बेहतर था?
ABP News के अनुसार 'अल्फा' बुधवार को दोपहर साढ़े चार बजे तक 1 करोड़ भी नहीं कमा पाई, जबकि 'वेलकम टू द जंगल' ने 11वें दिन भी दमदार कमाई जारी रखी और वर्ल्डवाइड 170 करोड़ पार कर गई। यह आँकड़ा YRF के स्पाई यूनिवर्स फ्रेंचाइज़ी के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
एक करोड़। पूरे बुधवार की दोपहर बीत गई और यशराज फिल्म्स की 'अल्फा' के खाते में इतना भी नहीं आया। ABP News की लाइव बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग के मुताबिक़ साढ़े चार बजे तक आलिया भट्ट की इस स्पाई फिल्म ने 1 करोड़ का आँकड़ा भी नहीं छुआ — और ठीक उसी दिन, उसी स्क्रीन मार्केट में, अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल' ने अपने 11वें दिन भी सीना ताने कमाई जारी रखी।
यह कोई सामान्य बॉक्स ऑफिस क्लैश नहीं है। यह दो अलग-अलग बॉलीवुड रणनीतियों की टक्कर है — और एक साफ़ तौर पर हार रही है।
आँकड़ों की ज़ुबान: 'अल्फा' बनाम 'वेलकम टू द जंगल'
TV9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के अनुसार 'वेलकम टू द जंगल' ने 9वें दिन ही दुनियाभर में 150 करोड़ पार कर लिए थे और अब 200 करोड़ की बारी है। ABP News के मुताबिक़ इस फिल्म ने सातवें दिन शाम 3 बजे तक 88 करोड़ की घरेलू कमाई दर्ज की थी। इसके मुक़ाबले 'अल्फा' ने ओपनिंग वीकेंड में ज़रूर 31 करोड़ पार किए — ABP News के अनुसार शनिवार को उसने 'वेलकम टू द जंगल' को पछाड़ा भी — लेकिन उसके बाद जो गिरावट आई, वह किसी भी फ्रेंचाइज़ी फिल्म के लिए ख़तरनाक है।
सोमवार को ABP News ने रिपोर्ट किया कि 'अल्फा' की कमाई घटी, फिर भी वह दिन की सबसे ज़्यादा कमाने वाली फिल्म रही। लेकिन मंगलवार तक तस्वीर पलट गई — दोपहर 1 बजे तक कुल कलेक्शन 38 करोड़ के पार बताया गया, और बुधवार को तो हालात ऐसे हो गए कि 1 करोड़ भी मुश्किल लगने लगा।
इनसाइड टॉक
ट्रेड हलकों में एक बात ज़ोर-शोर से चल रही है: YRF ने 'अल्फा' को स्पाई यूनिवर्स का अगला बड़ा दांव बताया था, लेकिन असल में यह दांव शुरू से ही डगमगा रहा था। इंडस्ट्री इनसाइडर्स का मानना है कि 'पठान' और 'टाइगर' सीरीज़ ने जो मसल-पैक्ड, मेल-डॉमिनेंट एक्शन फ़ॉर्मूला बनाया, उसी दर्शक वर्ग को अचानक फीमेल-लेड स्पाई ड्रामा बेचना बहुत बड़ा गैंबल था — ख़ासकर सिंगल स्क्रीन बेल्ट में, जहाँ अक्षय कुमार का कॉमेडी-एक्शन ब्रांड बरसों से चला आ रहा है।
फ़ैन फ़ोरम्स और सोशल मीडिया पर चर्चा है कि आलिया भट्ट की स्टार पावर मल्टीप्लेक्स तक सीमित रही और सिंगल स्क्रीन्स पर 'वेलकम टू द जंगल' ने उनकी हवा ही निकाल दी। ट्रेड विश्लेषकों का अनुमान है कि सिंगल स्क्रीन ऑक्यूपेंसी में अल्फा 5-8% पर अटकी, जबकि वेलकम टू द जंगल ने 25-30% बनाए रखी। (यह इंडस्ट्री चर्चा और ट्रेड अनुमानों पर आधारित है, पुष्ट आधिकारिक आँकड़े नहीं।)
असली सवाल: क्या स्पाई यूनिवर्स का फ़ॉर्मूला ही ग़लत हो गया?
इंडिया हेराल्ड का सीधा रीड यह है कि 'अल्फा' की विफलता सिर्फ़ आलिया भट्ट या किसी एक फिल्म की नहीं — यह YRF के उस मॉडल पर सवाल है जहाँ हर साल एक नया स्पाई यूनिवर्स कैरेक्टर लॉन्च करके फ्रेंचाइज़ी को ज़िंदा रखने की कोशिश की जा रही है। 'पठान' ने 2023 में 1000 करोड़+ कमाए, लेकिन उसके बाद से हर नई कड़ी पिछली से कमज़ोर रही है। दर्शक अब सिर्फ़ 'स्पाई यूनिवर्स' का लेबल देखकर टिकट नहीं ख़रीद रहे — उन्हें फिल्म चाहिए, फ्रेंचाइज़ी नहीं।
और इसके ठीक उलट 'वेलकम टू द जंगल' का केस देखिए। TV9 भारतवर्ष के अनुसार अक्षय कुमार की इस फिल्म ने 11वें दिन भी हार नहीं मानी और अब 200 करोड़ की तरफ़ बढ़ रही है। न कोई यूनिवर्स, न कोई इंटरकनेक्टेड टाइमलाइन — बस पुरानी कास्ट, पुरानी केमिस्ट्री, और वही मास एंटरटेनमेंट का फ़ॉर्मूला जो टियर-2, टियर-3 शहरों में आज भी चलता है। ABP News ने बुधवार को रिपोर्ट किया कि 'वेलकम टू द जंगल' का डंका बज रहा है, जबकि 'कॉकटेल 2' और 'मैं वापस' जैसी फिल्में बहुत पीछे हैं।
फीमेल-लेड एक्शन: दर्शक तैयार नहीं या फिल्म तैयार नहीं?
यहाँ एक और ज़रूरी बात कहनी है। बॉलीवुड में फीमेल-लेड एक्शन फिल्मों का ट्रैक रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है — 'मर्दानी' सीरीज़ ने अच्छा किया, लेकिन वह एक रियलिस्टिक पुलिस ड्रामा थी, ग्लॉसी स्पाई थ्रिलर नहीं। सवाल यह नहीं कि भारतीय दर्शक फीमेल हीरो नहीं देखना चाहता — सवाल यह है कि क्या YRF ने 'अल्फा' को उसी पुरुष-प्रधान स्पाई टेम्पलेट में ज़बरदस्ती फिट किया, बजाय इसके कि आलिया के लिए एक अलग तरह की फिल्म बनाई जाती?
ट्रेड हलकों में यह भी फुसफुसाहट है कि 'अल्फा' का बजट 150 करोड़ से ऊपर था। अगर यह सच है, तो मौजूदा रफ़्तार से इस फिल्म का लाइफ़टाइम कलेक्शन बजट का आधा भी छूना मुश्किल लगता है — और यह YRF के लिए 'शमशेरा' के बाद शायद सबसे बड़ा वित्तीय झटका होगा।
आगे क्या: स्पाई यूनिवर्स का रोडमैप अब कहाँ जाएगा?
अगर 'अल्फा' अपने दूसरे हफ़्ते में भी यही हाल रही — और बुधवार के आँकड़े देखते हुए यही लगता है — तो आदित्य चोपड़ा को कुछ कड़े फ़ैसले लेने होंगे। 'टाइगर vs पठान' जैसी क्रॉसओवर फिल्म पहले से पाइपलाइन में बताई जा रही है, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या दर्शक एक और स्पाई फिल्म के लिए थिएटर तक जाएँगे — या YRF को पहले स्पाई थकान (spy fatigue) का इलाज करना होगा?
इसके उलट, 'वेलकम टू द जंगल' की सफलता ने एक पुराना सबक़ ताज़ा कर दिया है: बॉलीवुड में ब्रांड-नॉस्टेल्जिया अभी भी सबसे सस्ता और सबसे भरोसेमंद ईंधन है। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी — इन नामों का कॉम्बिनेशन सिंगल स्क्रीन बेल्ट में वही काम करता है जो IPL में धोनी का नाम करता है: गारंटीड फुटफॉल।
[EMBED-SUGGESTION:tweet]
तो असली सवाल यह नहीं कि 'अल्फा' फ्लॉप हुई या नहीं — वह तो आँकड़े बोल ही रहे हैं। असली सवाल यह है: अगर YRF का स्पाई यूनिवर्स अब शाहरुख़ ख़ान और सलमान ख़ान के बिना चल ही नहीं सकता, तो क्या यह 'यूनिवर्स' असल में कभी था भी — या बस दो सुपरस्टार्स के कंधों पर टिका एक महँगा भ्रम?
More from India Herald
मुख्य बातें
- ABP News के अनुसार 'अल्फा' बुधवार दोपहर साढ़े चार बजे तक 1 करोड़ भी नहीं कमा पाई — दूसरे हफ़्ते में यह विनाशकारी गिरावट है
- TV9 भारतवर्ष के मुताबिक़ 'वेलकम टू द जंगल' ने वर्ल्डवाइड 170 करोड़ पार कर लिए और अब 200 करोड़ की दहलीज़ पर है
- YRF का स्पाई यूनिवर्स मॉडल गंभीर संकट में — 'पठान' के बाद हर नई कड़ी कमज़ोर हुई है
- सिंगल स्क्रीन बेल्ट ने फीमेल-लेड स्पाई एक्शन को लगभग ख़ारिज कर दिया, जबकि अक्षय कुमार का कॉमेडी-एक्शन फ़ॉर्मूला वहीं चला
- अगर 'अल्फा' का बजट 150 करोड़+ है तो यह 'शमशेरा' के बाद YRF का सबसे बड़ा वित्तीय झटका हो सकता है
आँकड़ों में
- अल्फा का बुधवार कलेक्शन: दोपहर साढ़े 4 बजे तक 1 करोड़ से भी कम (ABP News)
- वेलकम टू द जंगल: 11वें दिन तक वर्ल्डवाइड 170 करोड़+ (TV9 भारतवर्ष)
- वेलकम टू द जंगल: 7वें दिन शाम 3 बजे तक 88 करोड़ घरेलू कमाई (ABP News)
- अल्फा ओपनिंग वीकेंड: 3 दिनों में 31 करोड़+ (ABP News)