ब्रिक्‍स में बताया पीएम मोदी ने आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा खतरा

Gourav Kumar

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिये ओसाका पहुंचे हैं जिसके चलते वह आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं। पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों की बैठक में आतंकवाद जैसे बड़े मुद्दे पर अपने सुझाव दिए। आतंकवाद अपने आप में बहुत बड़ा मुद्दा है जो दिन व दिन पूरी दुनिया को अपने कब्जे में करता जा रहा है। बता दें कि पीएम मोदी ने भी आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि 'आतंकवाद मानवता के लिये सबसे बड़ा खतरा है. यह सिर्फ निर्दोषों की ही हत्या नहीं करता बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।'जापान के ओसाका शहर में ब्रिक्‍स देशों के नेताओं की बैठक में कहा कि 'आतंकवाद और जातिवाद का किसी भी जरिए से समर्थन बंद करने की जरूरत है।'

बता दें कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन चुनौतियों का जिक्र किया है, जिसमें विश्‍व की आर्थिक मंदी, समावेशी विकास और आतंकवाद शामिल हैं। दरअसल हाल ही मन जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने पीएम मोदी से मुलाकात कर उन्हें सबसे पहले लोकसभा चुनाव में जीत की बधाई दी और एक साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्‍सा भी लिया। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने मुलाकात में कहा कि 'अब भारत आने की बारी मेरी है और मैं अपनी इस यात्रा को लेकर काफी उत्‍सुक हूं।' ओसाका शहर में ब्रिक्‍स देशों की बैठक में पीएम मोदी ने पांच सुझाव दिए जिनमें सबसे अहम आतंकवाद है। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने हाल ही में आतंकवाद पर एक ग्लोबल कांफ्रेंस का आवाह्न किया है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए जरूरी सहमति का अभाव हमें निष्क्रिय ही नहीं रख सकता।  

 

आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को प्रमुख प्राथमिकताओं में जगह देने के लिए मैं ब्राजील की सराहना करता हूं। आर्थिक विकास पर पीएम मोदी ने कहा कि 'हमें रिफॉर्म मल्टीमैटरिलिज्म के लिए अंतर्राष्ट्रीय, वित्तीय और व्यापारिक संस्थाओं तथा संगठनों में आवश्यक सुधार पर जोर देते रहना होगा। निरंतर आर्थिक विकास के लिए आवश्यक ऊर्जा के संसाधन, जैसे तेल और गैस कम कीमतों पर लगातार उपलब्ध रहने चाहिए।' भारत के पीएम नरेंद्र मोदी अपने विराट व्यक्तित्व के चलते हमेशा सुर्खियां बटोरते नजर आते हैं।


उन्होंने ब्रिक्स की बैठा में आगे कहा कि 'न्यू डेवलेपमेंट बैंक द्वारा सदस्य देशों के भौतिक और सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा रिन्यूवल एनर्जी कार्यक्रमों में निवेश को और प्राथमिकता मिलनी चाहिए।' कारीगरों के संबंध में कहा कि 'विश्वभर में कुशल कारीगरों का आवागमन आसान होना चाहिए, इससे उन देशों को भी लाभ होगा, जहां आबादी का एक बड़ा हिस्सा कामकाजी की उम्र पार कर चुका है।' पीएम मोदी ने कोलिशियन और डिजास्टर रेजिनियन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कहा कि 'कोलिशियन और डिजास्टर रेजिनियन इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत की पहल अल्पविकसित और विकासशील देशों को प्राकृतिक आपदा का सामना करने के लिए उचित इंफ्रास्ट्रक्चर करने में सहायक होगी। मैं आपसे इस कोलिशियन में शामिल होने के लिए आवाह्न करता हूं।'

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