कांवड़ियों को पहचानपत्र रखना होगा अनिवार्य, 5 राज्यों की पुलिस ने बनाई रणनीति

Kumari Mausami
यूपी, दिल्ली समेत पांच राज्यों के आला पुलिस अधिकारियों ने सावन कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मंगलवार को समीक्षा बैठक की। इसमें तय किया गया कि इस बार हर कांवड़ यात्री को अपने साथ कोई न कोई परिचय पत्र रखना जरूरी होगा। साथ ही सात फीट से ऊंचा कांवड़ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।



उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई पांच राज्यों की15वीं अंतरराज्यीय बैठक में सभी कांवड मार्गों पर संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर पर्याप्त पुलिस तैनात करने का फैसला भी लिया गया। यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड के अलावा हिमाचल, और हरियाणा के डीजीपी भी बैठक में शामिल हुए।



दिल्ली के डीजीपी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि पिछले कुछ सालों में कांवड़ियों के हुड़दंग के साथ ही उनके साथ हुए कई हादसों में उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया था। इसी वजह से इस बार पहचानपत्र रखना अनिवार्य किया गया है। रेल-बसों की छत पर सवारी भी नहीं करने दी जाएगी।


जुगाड़ वाले वाहन प्रतिबंधितकांवड़ के दौरान जुगाड़ वाले वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित होंगे और उन्हें सीज कर दिया जाएगा। अशोक कुमार ने बताया कि इस बार करीब तीन करोड़ कांवड़ियों के आने की उम्मीद है। ऐसे में यातायात और सुरक्षा के लिए सभी राज्यों को आपसी समन्वय बनाना होगा।



थाने में देना होगा ब्योराबैठक में तय किया गया कि जो भी कांवड़िए जिस जगह से आ रहे हैं उनको अपने थाने में अपनी सारी डिटेल दर्ज करवानी होगी। जिसमें नाम, पता, मोबाइल और गाड़ी नंबर शामिल होगा। ताकि इन पर पूरे रूट में आपसी समन्वय से नजर रखी जा सके।



बिहार : एप की मदद से कांवड़ यात्रा करेंश्रावणी मेला में सुल्तानगंज से जल भरकर बाबा नगरी देवघर जा रहे हैं तो ‘श्रावणी मेला भागलपुर' एप अपलोड कर लें। आपकी कांवड़ यात्रा आराम से कट जाएगी। एप में व्यवस्था से संबंधित सभी तरह की जानकारी मिलेगी। कांवरियों को मेला से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन मोबाइल एप तैयार कर रहा है। एक माह तक चलने वाले मेला में पिछले साल 40 लाख से अधिक कांवरियों ने सुल्तानगंज स्थित गंगा से जल भरा था। इस बार 17 जुलाई से 15 अगस्त तक चलने वाले मेले में 50 लाख से अधिक कांवरियों के सुल्तानगंज आने का अनुमान है।


उत्तर प्रदेश और हरियाणा में डीजे की पूरी छूटकांवड़ के दौरान उत्तराखंड में भले ही डीजे पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन यूपी और हरियाणा में डीजे पर कोई सख्ती या प्रतिबंध नहीं होगा। आईजी सहारनुपर शरत सचान ने बताया कि यूपी में डीजे पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन नियमानुसार ही डीजे बजेंगेे, उल्लंघन पर कार्रवाई होगी। वहीं आईजी करनाल योगेंद्र मेहरा ने बताया कि कांवड़ के दौरान कानून व्यवस्था का ध्यान रखा जाएगा।

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