वावरिंका के 3 ग्रैंड स्लैम, 1 वन-हैंडेड बैकहैंड, और सेंटर कोर्ट पर आंसू — 'बिग 3' के राज में सेंध लगाने वाले इकलौते बागी को दुनिया सलाम क्यों कर रही है?

स्टेन वावरिंका ने विंबलडन 2025 में भावुक विदाई ली। इंडिया टुडे के अनुसार, सेंटर कोर्ट पर उनका गला भर आया और शब्द ठहर गए। 40 साल के इस स्विस ने फेडरर, नडाल और जोकोविच के प्राइम में 3 ग्रैंड स्लैम जीते — ऐसा कारनामा जो बिग 3 के अलावा कोई और दोहरा नहीं पाया।

छह सवाल: कौन, क्या, कब, कहाँ, क्यों, कैसे

  • कौन: स्विस टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका, जिन्होंने करियर में 3 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते (इंडिया टुडे)
  • क्या: विंबलडन 2025 में अपने आखिरी मैच के बाद सेंटर कोर्ट पर भावुक विदाई ली, आंसू रोक नहीं पाए (इंडिया टुडे)
  • कब: विंबलडन 2025, जुलाई 2025 (इंडिया टुडे)
  • कहाँ: विंबलडन सेंटर कोर्ट, ऑल इंग्लैंड क्लब, लंदन (इंडिया टुडे)
  • क्यों: 40 साल की उम्र में पेशेवर टेनिस से संन्यास; शरीर ने साथ छोड़ा लेकिन विरासत अमर रही — बिग 3 एरा में 3 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले इकलौते 'बाहरी' खिलाड़ी (इंडिया टुडे, ATP रिकॉर्ड)
  • कैसे: इंडिया टुडे के अनुसार, मैच के बाद ऑन-कोर्ट इंटरव्यू में वावरिंका का गला भर आया, शब्द अटक गए; भीड़ ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया और पूरा कोर्ट भावनाओं में डूब गया

सेंटर कोर्ट की हरी घास पर माइक उनके हाथ में था, लेकिन शब्द होंठों पर नहीं आ रहे थे। 40 साल का एक आदमी — जिसने ज़िंदगी में रॉजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच तीनों को ग्रैंड स्लैम फाइनल में हराया है — विंबलडन की भीड़ के सामने रो रहा था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, स्टेन वावरिंका ने विंबलडन 2025 में अपने करियर का आखिरी मैच खेला और ऑन-कोर्ट इंटरव्यू के दौरान उनकी आवाज़ टूट गई।

ये आंसू सिर्फ एक खिलाड़ी के नहीं थे। ये उस पूरे युग के आंसू थे जिसे हम 'बिग 3 एरा' कहते हैं — वह दशक जब पुरुष टेनिस पर तीन देवताओं का राज था और किसी चौथे इंसान के लिए ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उठाना लगभग असंभव था। वावरिंका वह 'लगभग' थे जिसने 'असंभव' को तीन बार ग़लत साबित किया।

बिग 3 का किला और उसमें सेंध

इसे समझने के लिए एक नज़र आंकड़ों पर डालिए। 2003 से 2020 के बीच खेले गए कुल 70 ग्रैंड स्लैम में से 56 फेडरर, नडाल या जोकोविच ने जीते — ATP के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक यह 80 प्रतिशत से ज़्यादा है। बाकी 14 ग्रैंड स्लैम दर्जनभर खिलाड़ियों में बंटे। लेकिन इन 14 में से 3 अकेले वावरिंका ने जीते — 2014 ऑस्ट्रेलियन ओपन, 2015 फ्रेंच ओपन, 2016 यूएस ओपन। यानी बिग 3 के बाहर सबसे ज़्यादा ग्रैंड स्लैम किसी ने जीते, तो वह स्टेन वावरिंका थे।

और यह 'कैसे' जीते, यह सवाल आंकड़ों से भी बड़ा है। 2014 ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में उन्होंने नंबर वन नोवाक जोकोविच को चारों सेट में मात दी। 2015 फ्रेंच ओपन फाइनल में जोकोविच — जो उस साल कैलेंडर ग्रैंड स्लैम की ओर बढ़ रहे थे — को फिर हराया। और 2016 यूएस ओपन फाइनल में नंबर वन जोकोविच को एक बार फिर। हर बार जब जोकोविच इतिहास रचने के करीब थे, वावरिंका वह दीवार बने जिसे वे पार नहीं कर पाए।

वन-हैंडेड बैकहैंड: टेनिस का आखिरी रोमांटिक शॉट

तकनीकी तौर पर बात करें तो वावरिंका का सबसे विनाशकारी हथियार उनका वन-हैंडेड बैकहैंड था — एक ऐसा शॉट जिसे आधुनिक टेनिस ने लगभग 'विलुप्त' करार दे दिया है। जहाँ नई पीढ़ी टू-हैंडेड बैकहैंड की सुरक्षा चुनती है, वावरिंका ने एक हाथ से रैकेट पकड़कर ऐसे विनर मारे कि गेंद लाइन चूमती गई। ESPN और ATP के विश्लेषकों ने इसे बार-बार 'टूर पर सबसे खतरनाक वन-हैंडेड बैकहैंड' कहा। फेडरर का बैकहैंड सुंदर था, लेकिन वावरिंका का बैकहैंड क्रूर था — वह गेंद को नहीं मारते थे, उसे तबाह करते थे।

यह शॉट उनके व्यक्तित्व का आईना भी था। टू-हैंडेड बैकहैंड की तरह 'सेफ' रास्ता चुनना उनकी फ़ितरत में नहीं था। उन्होंने करियर भर एक ही दांव पर खेला — या तो विनर, या अनफ़ोर्स्ड एरर। यही बात उन्हें पहले दौर में भी हारने वाला बनाती थी और ग्रैंड स्लैम फाइनल में अजेय भी।

इनसाइड टॉक

टेनिस के गलियारों में एक बात हमेशा चर्चा में रही — वावरिंका को कभी वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। ट्रेड हलकों में कहा जाता रहा कि अगर वावरिंका किसी और दौर में पैदा हुए होते — बिग 3 के बिना — तो वे 8-10 ग्रैंड स्लैम जीत सकते थे। इंडस्ट्री की बात यह है कि स्पॉन्सरशिप डील्स में भी उन्हें हमेशा फेडरर की छाया में रखा गया, जबकि ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड में वे एंडी मरे के बराबर खड़े थे। फ़ैन्स मानते हैं कि मरे को 'बिग 4' में जगह मिली क्योंकि वे कंसिस्टेंट थे, लेकिन वावरिंका को वह दर्जा कभी नहीं दिया गया — हालांकि उनके ग्रैंड स्लैम फाइनल रिकॉर्ड (3 फाइनल, 3 जीत) मरे के (11 फाइनल, 3 जीत) से कहीं ज़्यादा शानदार हैं। (यह इंडस्ट्री चर्चा और खिलाड़ियों की अपुष्ट टिप्पणियों पर आधारित है, पुष्ट तथ्य नहीं।)

ऑनलाइन भी एक सवाल घूम रहा है — क्या वावरिंका ग्रैंड स्लैम फाइनल के 'सबसे क्लच परफ़ॉर्मर' हैं? तीन फाइनल खेले, तीनों जीते — 100 प्रतिशत रिकॉर्ड। न फेडरर के पास यह है, न नडाल के पास, न जोकोविच के पास।

सेंटर कोर्ट पर वह पल

इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि विंबलडन सेंटर कोर्ट पर जब वावरिंका से आखिरी बार बात करने को कहा गया, तो उन्होंने बोलना शुरू किया — लेकिन दो-तीन शब्दों के बाद उनकी आवाज़ काँप गई। उन्होंने रुककर गहरी सांस ली, आंखें पोंछीं, लेकिन आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। भीड़ ने उठकर स्टैंडिंग ओवेशन दिया — कोई चिल्लाया, कोई ताली बजाता रहा, और वावरिंका बस खड़े रहे, रैकेट बैग कंधे पर, जैसे कोई सैनिक आखिरी बार अपने मैदान को देख रहा हो।

यह दृश्य इसलिए भी गहरा था क्योंकि विंबलडन वह ग्रैंड स्लैम रहा जो वावरिंका कभी जीत नहीं पाए। ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, यूएस ओपन — तीनों जीते। लेकिन विंबलडन की ट्रॉफी हमेशा हाथ से फिसलती रही। शायद इसीलिए उन्होंने अपनी विदाई के लिए यही मंच चुना — वह जगह जहाँ सबसे ज़्यादा दर्द मिला, वहीं अलविदा कहने में एक ईमानदारी है जो सिर्फ वावरिंका जैसा खिलाड़ी समझ सकता है।

बिग 3 एरा का आखिरी गवाह

इंडिया हेराल्ड का मानना है कि वावरिंका की विदाई के साथ बिग 3 एरा आधिकारिक तौर पर बंद हो जाता है — एक ऐसा अध्याय जिसकी बराबरी टेनिस इतिहास में शायद ही कोई दौर कर पाए। फेडरर 2022 में रिटायर हो चुके हैं, नडाल 2024 में। जोकोविच अभी खेल रहे हैं लेकिन ATP रैंकिंग में उनकी गिरावट साफ़ दिख रही है। और अब वावरिंका — वह आखिरी 'बाहरी योद्धा' जो इस त्रिमूर्ति के ख़िलाफ़ खड़ा होता था — भी चले गए।

आने वाले वक़्त में सिनर और अल्काराज़ की नई प्रतिद्वंद्विता टेनिस को नया रोमांच देगी। लेकिन वावरिंका जैसा 'गुरिल्ला फ़ाइटर' — जो साल भर औसत खेले, फिर ग्रैंड स्लैम में ऐसा उठे कि नंबर वन को तहस-नहस कर दे — ऐसा खिलाड़ी फिर आएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं। ATP के मौजूदा ड्रॉ में कोई भी खिलाड़ी ऐसा नहीं है जो बिग टूर्नामेंट में इस तरह 'स्विच ऑन' होता हो।

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वावरिंका का करियर एक ज़रूरी सवाल छोड़कर जाता है: क्या महानता सिर्फ ट्रॉफियों की गिनती से तय होती है? अगर हाँ, तो वावरिंका के 3 ग्रैंड स्लैम फेडरर के 20, नडाल के 22 और जोकोविच के 24 के सामने छोटे लगेंगे। लेकिन अगर महानता इस बात से तय होती है कि आपने किसे हराया, कब हराया, और कितने असंभव हालात में हराया — तो स्टेन वावरिंका का नाम सबसे ऊपर है।

सेंटर कोर्ट पर उनके आंसू इसलिए नहीं थे कि वे हार गए। वे इसलिए थे कि वे जानते हैं — यह खेल अब उनका नहीं रहा। और जो पीढ़ी उनका बैकहैंड देखकर बड़ी हुई, उसके लिए यह आंसू पहचान के आंसू हैं। हम सब जानते हैं कि कुछ चीज़ें एक बार जाती हैं तो लौटकर नहीं आतीं — न वावरिंका का बैकहैंड, न वह दौर, न वह रोमांच।

आँकड़ों में

  • 2003-2020 के बीच 70 ग्रैंड स्लैम में से 56 बिग 3 ने जीते — 80% से ज़्यादा (ATP रिकॉर्ड)
  • वावरिंका: 3 ग्रैंड स्लैम फाइनल खेले, 3 जीते — 100% फाइनल जीत दर (ATP रिकॉर्ड)
  • वावरिंका ने तीनों ग्रैंड स्लैम फाइनल में तत्कालीन नंबर 1 जोकोविच को हराया (2014 AO, 2015 FO, 2016 USO)

मुख्य बातें

  • स्टेन वावरिंका ने विंबलडन 2025 में भावुक विदाई ली — सेंटर कोर्ट पर ऑन-कोर्ट इंटरव्यू के दौरान रो पड़े (इंडिया टुडे)
  • 2003-2020 के बीच बिग 3 (फेडरर, नडाल, जोकोविच) ने 70 में से 56 ग्रैंड स्लैम जीते — वावरिंका ने बाकी 14 में से 3 अकेले जीते, जो किसी भी 'बाहरी' खिलाड़ी से ज़्यादा हैं (ATP रिकॉर्ड)
  • वावरिंका का ग्रैंड स्लैम फाइनल रिकॉर्ड 3 में 3 जीत — 100% सफलता दर, जो फेडरर, नडाल या जोकोविच किसी के पास नहीं (ATP रिकॉर्ड)
  • फेडरर (2022), नडाल (2024) के बाद वावरिंका की विदाई बिग 3 एरा का आधिकारिक अंत मानी जा रही है
  • उनका वन-हैंडेड बैकहैंड ATP टूर पर सबसे खतरनाक माना गया — एक ऐसा शॉट जो आधुनिक टेनिस में लगभग विलुप्त हो रहा है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्टेन वावरिंका ने कितने ग्रैंड स्लैम जीते हैं?

वावरिंका ने 3 ग्रैंड स्लैम जीते — 2014 ऑस्ट्रेलियन ओपन, 2015 फ्रेंच ओपन और 2016 यूएस ओपन। तीनों फाइनल में उन्होंने नोवाक जोकोविच को हराया (ATP रिकॉर्ड)।

वावरिंका ने विंबलडन 2025 में विदाई क्यों ली?

इंडिया टुडे के अनुसार, 40 साल के वावरिंका ने विंबलडन सेंटर कोर्ट पर अपने करियर का आखिरी मैच खेला। ऑन-कोर्ट इंटरव्यू के दौरान वे भावुक हो गए और आंसू रोक नहीं पाए।

वावरिंका का वन-हैंडेड बैकहैंड इतना खास क्यों माना जाता है?

वावरिंका का वन-हैंडेड बैकहैंड ATP टूर पर सबसे शक्तिशाली और विनाशकारी शॉट्स में गिना गया। जहाँ आधुनिक खिलाड़ी टू-हैंडेड बैकहैंड की सुरक्षा चुनते हैं, वावरिंका ने एक हाथ से ऐसे विनर मारे जो बेजोड़ थे (ESPN, ATP विश्लेषण)।

बिग 3 एरा में वावरिंका के अलावा किसने ग्रैंड स्लैम जीते?

2003-2020 के बीच बिग 3 के बाहर एंडी मरे (3), जुआन मार्टिन डेल पोत्रो (1), मारिन चिलिच (1) जैसे खिलाड़ियों ने ग्रैंड स्लैम जीते — लेकिन बिग 3 के बाहर सबसे ज़्यादा 3 जीत वावरिंका के नाम रहीं (ATP रिकॉर्ड)।

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